अर्धमत्स्येन्द्रासन योग (Ardhamatsyandrasana Yoga)

अर्धमत्स्येंद्रासन का नाम महान योगी मत्स्येंद्रनाथ के नाम पर रखा गया है। अर्धमत्स्येंद्रासन योग के बहुत सारे महत्वपूर्ण लाभ है डायबिटीज को रोकना। इसलिए इसको डायबिटीज के रोकथाम के लिए रामबाण कहा गया है।

अर्धमत्स्येन्द्रासन योग क्या है? (What is Ardhamatsyandrasana Yoga?)

बाहों, कंधों, ऊपरी पीठ और गर्दन में तनाव को कम करता है। अर्ध मत्स्येन्द्रासन स्लिप-डिस्क के लिए चिकित्सीय है| बायें बाजू को दायें घुटने के बाहर की ओर ले आयें और दायां टखना पकड़ लें। धड़ को यथा संभव दायीं ओर मोड़ें। दायां बाजू पीठ के ऊपर रखें और दायें कंधे के ऊपर से देखें। सामान्य श्वास के साथ कुछ मिनट तक इसी स्थिति में रहें और पूरे शरीर को आराम दें। (लेकिन यह आसन करने से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूर करें)

अर्धमत्स्येन्द्रासन योग की विधि  ( Ardhamatsyandrasana Yoga method )

  • सबसे पहले नीचे सीधे बैठ जाएँ।
  • उसके बाद अपने बाएँ पैर को मोड़ें और अपने पीछे दाएं तरफ को छूने की कोशिश करें। समझने के लिए फोटो को देखें।
  • उसके बाद अपने दाएँ पैर को अपने बाएँ पैर के अगले तरफ ले जाकर रखें। दायाँ पैर अगली तरफ जमीन को छूना चाहिए।
  • उसके बाद अपने शरीर को पैर मोडे हुए तरफ के विपरीत दिशा में तानें या खींचे और अगली तरफ पैर को पीछे से छूने की कोशिश करें।
  • इस मुद्रा में 20-30 सेकंड के लिए रुकें।
  • उसके बाद अगली दिशा में भी इस योगासन को दोहराएँ।

अर्धमत्स्येन्द्रासन योग के फायदे (Benefits of ardhamatsyandrasana yoga)

  • मांशपेशियों को अच्छा खिचाव मिलता है।
  • रीड की हड्डी में मजबूती आती है।
  • रक्त परिसंचरण सही तरीके से होता है।
  • कब्ज़ और अपचन से शरीर को बचाता है।
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