त्रिकोणासन योग (Trigonasana yoga)

त्रिकोणासन खड़े होकर करने वाला एक महत्वपूर्ण आसन है। ‘त्रिकोण’ का अर्थ होता है त्रिभुज और आसन का अर्थ योग है।

त्रिकोणासन योग क्या है? (What is Trigonasana yoga)?

त्रिकोणासन योग कमर दर्द को कम करने के लिए एक अतिउत्तम योगाभ्यास है।  शरीर की मांसपेशियों और जोड़ों को मजबूत बनाने के लिए त्रिकोणासन बहुत फायदेमंद है। त्रिकोणासन योग मुद्रा में, पैरों को अलग-अलग फैलाया जाता है और एक पैर को 90 डिग्री के कोण पर मोड़ते हैं।  त्रिकोणासन योग करते समय शरीर का आकार त्रिकोण (ट्रीअंगेल) के समान होने के कारण इसे त्रिकोणासन या ट्रीअंगेल पोज कहा जाता हैं। त्रिकोणासन का नियमित अभ्यास करने से आपके पेट, कमर, जांघ और नितंब पर जमी अतिरिक्त चर्बी को आसानी से घटाया जा सकता हैं।

त्रिकोणासन योग की विधि (Method of trigonasana yoga)

  • सबसे पहले सीधे खड़े हों और अपने दोनों पैरों के बिच थोडा गैप रखें।
  • उसके बाद अपने दाएँ पैर को 90 डिग्री में मोड़ें।
  • उसके बाद थोडा सा शरीर को भी दाएँ तरफ झुकाते हुए अपने दाएँ हाँथ से अपने दाएँ पैर के उँगलियों को छुएं और बाएं हांथ को ऊपर की और सिधाई में रखें जैसा फोटो में दिया गया है।
  • इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रुकें।

त्रिकोणासन योग के फायदे (Benefits of Trigonasana yoga)

  • यह आसन करने से गर्दन, पीठ, कमर और पैर के स्नायु मजबूत होते हैं।
  • शरीर का संतुलन ठीक होता हैं।
  • पाचन प्रणाली ठीक होती हैं।
  • एसिडिटी से छुटकारा मिलता हैं।
  • चिंता, तनाव, कमर और पीठ का दर्द गायब हो जाता हैं।
  • पेट पर जमी अतिरिक्त चर्बी और मोटापा दूर करने में सहायक आसन माना जाता हैं।
  • पुरे शरीर को अच्छा खिचाव मिलता है।
  • रक्त परिसंचरण / सर्कुलेशन में सुधार होता है।
  • गुर्दा / किडनी स्वस्थ रहता है।
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