बालासन योग (Balasana Yoga)

बालासन का नाम बाल शब्द पर रखा गया है, जिसका मतलब होता है बच्चा। बालासन एक आराम करने की मुद्रा है

बालासन योग क्या है? (What is Balasana Yoga)?

शिशु या बच्चा, बालासन में हम एक शिशु की तरह वज्र आसन लेकर हाथों और शरीर को आगे की ओर झुकाते है। यह आसन बेहद आसान ज़रूर है मगर काफी लाभदायक भी है। कमर की मांसपेशियों को आराम देता है और ये आसन कब्ज़ को भी दूर करता है। जिसे कभी भी किया जा सकता है, ख़ास तौर से शीर्षासन के बाद तो ज़रूर करना चाहिए।

बालासन योग की विधि (Method of balasana yoga)

  • सबसे पहले अपने पैरों को पीछे की और कर के मोड़ लें जैसे चित्र में किया गया है और अपने
  • दोनों हांथों को अपने जांघों में रख कर सीधे बैठें।
  • उसके बाद धीरे-धीरे साँस छोड़ते हुए अपने छाती को घुटनों से जोड़ें।
  • उसके बाद अपने हांथों को आगे की तरफ सीधे भी आप रख सकते हैं और पीछे भी रख सकते हैं।
  • उसके बाद ध्यान से धीरे-धीरे साँस लें और और उस मुद्रा में 2-3 मिनट तक रुकें।
  • इस योग को 5-10 बार दोहोराये।

बालासन योग के फायदे (Benefits of balasan yoga)

  • मानसिक चिंतन दूर होता है।
  • कमर का दर्द दूर होता है।
  • कंधो का दर्द और पीठ दर्द आदि में आराम मिलता है।
  • यह आसन महिलाओ के लिए भी बहुत फायदेमंद है, इससे मासिक धर्म में होने वाले दर्द से निजात मिलती है।
  • इसके नियमित अभ्यास से तनाव दूर होता है और मस्तिष्क शांत रहता है।
  • यह आसन डिप्रेशन, माइग्रेन और चिड़चिड़ाहट को दूर करने में भी मदद करता है।
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