वृक्षासन योग (Vrksasana Yoga)

वृक्षासन को ट्री पोज (Tree Pose) भी कहा जाता है। वृक्षासन ऐसा योगासन है जो आपके शरीर में स्थिरता, संतुलन और सहनशक्ति लाने में मदद करता है।

वृक्षासन योग क्या है? (What is Vrksasana Yoga)?

वृक्षासन दो शब्द मिलकर बना है ‘वृक्ष’ का अर्थ पेड़ होता है और आसन योग मुद्रा की और दर्शाता है। इस आसन की अंतिम मुद्रा एकदम अटल होती है, जो वृक्ष की आकृति की लगती है, इसीलिए इसे यह नाम दिया गया है। वृक्षासन आसन से वृक्ष की शांत एवं स्थिर अवस्था को दर्शाता है|योग शरीर व मन का विकास करता है|योग के शारीरिक और मानसिक लाभ हैं परंतु इसका उपयोग किसी दवा आदि की जगह नही किया जा सकता|

वृक्षासन योग की विधि (Method of Vriksasana Yoga)

  • सबसे पहले अपने दोनों हांथों को बगल में रख कर सीधे खड़े हों।
  • उसके बाद ध्यान से अपने दाएने पैर को अपने बाएँ पैर के जांघ पर रखकर सीधे खड़े रहें। समझने के लिए फोटो को देखें।
  • उसके बाद धीरे-धीरे डॉन हांथों को जोड़ कर ऊपर की ओर ले जाएँ और प्रार्थना मुद्रा धारण करें।
  • कम से कम 30-45 सेकंड तक इस मुद्रा में बैलेंस करने की कोशिश करें।

वृक्षासन योग के फायदे (Benefits of Vriksasana Yoga)

  • मानसिक एकागरता के लिए बहुत उपयोगी है।
  • शरीर मे लचक बढ़ाने के लिए बहुत अच्छा है।
  • पांवों की मांस-पेशियों को मजबूत करता है।
  • रीढ़ व पेट को स्वस्थ रखता है।

वृक्षासन के उद्देश्य (Objectives of tree plantation)

  •  एड़ियों के दर्द से परेशान व्यक्ति को इस योगाभ्यास का प्रैक्टिस करनी चाहिए।
  •  यह एड़ियों के दर्द को कम ही नहीं करता बल्कि एड़ियों की लचीलापन को भी बढ़ाता है।
  •  पैरों के मांसपेशियों को मजबूत बनाने में यह अहम भूमिका निभाता है और साथ ही साथ   पैरों को शक्तिशाली भी बनाता है।
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