त्वचा की चमक के टिप्स (skin glow Tips)

त्वचा में प्राक्रतिक निखार लाने के लिए योग सबसे अच्छा उपाय होता है। … और माथे की त्वचा में कसावट आती है और बढ़ती उम्र का प्रभाव चेहरे पर नहीं पड़ता है|

चेहरे पर चमक कैसे आती है?(How does face glow)?

हफ्ते में दो बार चेहरे पर बादाम के तेल और नारियल के तेल से मालिश करें। आयुर्वेद के अनुसार कहा जाता है कि इससे ब्लड फ्लो बढ़ता है और आपकी चेहरे पर चमक और निखार दोनों आते हैं। रोजाना 3 से 4 खजूर रोज खाएं इससे आपकी चेहरे की त्वचा में यकीनन चमक आएगी। खीरे की स्लाइस रोज खानी चाहिए।

बेजान त्वचा के मुख्य कारण(Main causes of lifeless skin)

  • तनाव
  • पूरी नींद ना लेना
  • दवाओं का ज़्यादा सेवन
  • प्रदूषण
  • सूरज की हानिकारक किरणें
  • मौसम में होने वाले बदलाव
  • ब्यूटी प्रोडक्ट का ज़्यादा इस्तेमाल
  • ज़्यादा गर्म पानी का उपयोग

चमकदार त्वचा पाने के लिए क्या खाएं (What to eat to get glowing skin)

त्वचा में चमक बरकरार रखने के लिए और त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ क्रीम और घरेलु नुस्ख़े ही नहीं बल्कि अच्छा और स्वस्थ आहार ज़रूरी होता है। हमेशा याद रखें कि आप जो खाते हैं उस का असर आपके शरीर और चेहरे पर नज़र आता है। इसलिए यह ज़रूरी है कि आप उन खाद्य पदार्थों का सेवन करें जिसमें विटामिन, मिनरल, प्रोटीन जैसे पोषक तत्व मौजूद हों।
फल :- पपीता , केला , संतरा , आम , अमरुद
सब्ज़ी :- टमाटर , हरी पत्तेदार सब्ज़ियां (जैसे – पालक, पत्तागोभी आदि।)खीरा , गाजर , शिमला मिर्च

चमकदार त्वचा पाने के लिए क्या ना खाएं(What not to eat to get glowing skin)

ज़्यादा तेल वाली चीज़ें, जैसे –

  • फ़्राइज़, चिप्स, पिज़्ज़ा, बर्गर आदि ना खाएं।
  • शराब का सेवन ना करें।
  • सिगरेट ना पीएं।
  • ज़्यादा नमक या ज़रूरत से ज़्यादा मीठा ना खाएं।
  • ज़्यादा चाय या कॉफ़ी का सेवन ना करें।

लोटस व्हाइटग्लो डीप मॉइस्चराइजिंग क्रीम(Lotus Whiteglow Deep Moisturising Creme)

व्हाइटग्लो स्किन व्हाइटनिंग मसाज क्रीम में व्हाइटनिंग एक्टिविटीज होती हैं जो त्वचा को तरोताज़ा, ऊर्जावान और मॉइस्चराइज़ करते हुए त्वचा को हल्का, गोरा और चमकदार बनाती हैं। नैचुरल ग्लो के लिए व्हिटेंस और ब्राइटेंस आपकी त्वचा को लोटस हर्बल्स स्किन व्हाइटनिंग क्रीम से मसाज करके उसे निखारता है। इसे अपने चेहरे, गर्दन और हाथों पर अच्छी तरह से लगाएं, क्योंकि यह लोटस हर्बल्स व्हाइटग्लो स्किन मसाज क्रेम स्वाभाविक रूप से आपके रंग को बढ़ाता है। यह आपकी त्वचा को हर बार मॉइस्चराइज़, पोषण और ऊर्जान्वित करता है, जिससे आप तरोताजा और एक दम चमकने लगते हैं। सभी बुनाई में उपयोग के लिए आदर्श, यह लोटस हर्बल्स व्हाइटग्लो स्किन मसाज क्रेम सभी प्रकार की त्वचा के लिए अच्छा काम करता है। और आपकी त्वचा को फिर से जीवंत करता है, जिससे यह तरोताज़ा और चमकदार हो जाता है।

चमकदार त्वचा पाने के लिए कुछ और उपाय(Some other remedies to get glowing skin)

  • समय पर भोजन करने की आदत डालें।
  • सोने का समय सुनिश्चित करें।
  • रोज़ाना योग या व्यायाम करें।
  • चेहरे को रोज़ाना कम से कम दो बार ज़रूर धोएं।
  • नैचुरल मॉइस्चराइज़र का ही इस्तेमाल करें।
  • ज़्यादा मेकअप करने से बचें।
  • दिन में बाहर निकलते वक़्त सनस्क्रीन लगाना ना भूलें।
  • धूल-मिट्टी या प्रदूषण वाली जगहों पर चेहरे को स्कार्फ़ या दुपट्टे से ढाक कर रखें।
  • तनाव से दूर रहने की कोशिश करें।
  • रोज़ाना खूब पानी पीएं ताकि आपकी त्वचा हाइड्रेट रहे और उसकी चमक बरकरार रहे।

चेहरे की चमक को बढ़ाने के लिए 5 योगासन(5 Yogasanas to enhance facial glow)

1.हलासन :- इस आसन में शरीर का आकार हल जैसा बनता है। इससे इसे हलासन कहते हैं। हलासन हमारे शरीर को लचीला बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। इससे हमारी रीढ़ सदा जवान बनी रहती है।

2.सर्वांगासन :- सर्वांगासन योग पूरे शरीर यानि पैर की उंगलियों से लेकर मस्तिष्क तक फायदा पहुंचता है। साथ ही साथ यह कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य लाभ के लिए जाना जाता है। शरीर के कई रोगों में लाभकारी. हम अक्सर यह सुनते आ रहे है की योग आसनों के अभ्यास से हमें लाभ मिलता है| योग के कुछ आसन लम्बाई बढाने में मददगार होते है तो कुछ आसन शरीर की चर्बी घटाने में सहायक है।

3.त्रिकोणासान :- त्रिकोणासन खड़े होकर करने वाला एक महत्वपूर्ण आसन है। ‘त्रिकोण’ का अर्थ होता है त्रिभुज और आसन का अर्थ योग है। इसका मतलब यह हुआ कि इस आसन में शरीर त्रिकोण की आकृति का हो जाता है यह आसन मांसपेशियों को फैलाने और नियमित शारीरिक फंक्शन में सुधार करने के लिए जाना जाता है।

4.मत्स्यासन :- मत्स्य का अर्थ है- मछली। इस आसन में शरीर का आकार मछली जैसा बनता है, अत: यह मत्स्यासन कहलाता है। यह आसन छाती को चौड़कर उसे स्वस्थ बनाए रखने में सक्षम है। प्लाविनी प्राणायाम के साथ इस आसन की स्थिति में लम्बे समय तक पानी में तैर सकते हैं।

5.भुजंगासन :- इस आसन में शरीर की आकृति फन उठाए हुए भुजंग अर्थात सर्प जैसी बनती है इसीलिए इसको भुजंगासन या सर्पासन (संस्कृत: भुजङ्गसन) कहा जाता है। भुजंगा, जिसे इंग्लिश में कोबरा कहते है और चूंकि यह दिखने में फन फैलाए एक सांप जैसा होता है।

चेहरे पर चमक बढ़ाने के लिए घरेलू उपाय(Home remedies to increase radiance on face)

1. जैतून का तेल( Olive oil) :-

अपनी हथेली पर जैतून के तेल की कुछ बूंदें लेकर पूरे चेहरे पर धीरे-धीरे लगाएँ। इसके बाद तौलिए को गुनगुने पानी में गीला करके उससे अपना चेहरा पोंछ लें। इस नुस्खे को रात में सोने से पहले आज़माएं।

कैसे मदद करता है ?

जैतून का तेल हमारी त्वचा पर एक अच्छे मॉइस्चराइज़र की तरह काम करता है। इसमें मौजूद फ़्लैवोनोइड और पॉलीफ़ेनॉल जैसे तत्व त्वचा की मृत होती कोशिकाओं में फिर से जान डाल देते हैं।

2. एलोवेरा(Aloe vera) :-

एलोवेरा जेल, हल्दी, शहद और दूध को मिलकर एक पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाकर बीस मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। इस पैक को हफ़्ते में दो बार लगाया जा सकता है।

कैसे मदद करता है ?

त्वचा की समस्याओं से निपटने में एलोवेरा जैल को काफ़ी असरदार माना जाता है। ये त्वचा को ज़रूरी नमी देकर उसकी प्राकृतिक चमक को बरकरार रखने में मदद करता है।

3. ग्रीन टी(Green Tea) :-

ग्रीन टी को पानी में उबालकर छान लें और फिर उसे ठंडा होने के लिए छोड़ दें। ठंडा होने पर उबली हुई ग्रीन टी में भूरी चीनी और मलाई मिलाएं। इस मिश्रण को चेहरे पर स्क्रब की तरह लगाएं। दस मिनट बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें। इस मिश्रण को हफ़्ते में एक या दो बार लगाया जा सकता है।

कैसे मदद करता है ?

ग्रीन टी में प्रचूर मात्रा में फ़्लैवोनोइड मौजूद होते हैं, जो त्वचा में कोलेजन के उत्पादन को सुचारू बनाए रखते हैं। इससे त्वचा में चमक बरकरार रहती है और वो जवान नज़र आती है।

4. उबटन(body scrub) :-

मसूर दाल, चावल और बादाम को अलग-अलग या साथ में पीसकर पाउडर बना लें। इस पाउडर में दलिया और हल्दी मिलाएं। अंत में इस मिश्रण में पानी या गुलाब जल मिलाकर एक पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे और गले पर लगाएं। इसे हाथों पर भी लगाया जा सकता है। पेस्ट सूखने के बाद त्वचा को पानी से धो लें। इस पेस्ट को दस दिन में एक बार लगाया जा सकता है।

कैसे मदद करता है ?

त्वचा की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए उबटन का इस्तेमाल सदियों से होता चला आ रहा है। इस उबटन में मौजूद दाल, चावल और दलिया हमारी त्वचा से गंदगी को निकालने में मदद करते हैं। इसमें मिलाई गई हल्दी में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो त्वचा से जुड़ी बीमारियों से हमारी रक्षा करते हैं। उबटन तैयार करने में इस्तेमाल किया गया बादाम हमारी त्वचा को ज़रूरी नमी देता है और उसकी रंगत को सुधारता है।

5. नारियल तेल(Coconut Oil) :-

थोड़ा-सा नारियल तेल लेकर पूरे चेहरे और गर्दन पर लगाएं। हर रोज़ रात को सोने से पहले यह नुस्खा आज़माएं।

कैसे मदद करता है ?

यह नुस्खा ड्राई स्किन यानी रूखी त्वचा के लिए ज़्यादा फ़ायदेमंद होता है। दरअसल, नारियल तेल हमारी त्वचा में नमी के ज़रूरी स्तर को बरकरार रखने में मदद करता है। इस तेल में मौजूद फ़ेनोलिक यौगिक इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण को ज़्यादा असरदार बना देता है।

6. टमाटर(Tomatoes) :-

टमाटर के टुकड़े से बीज को निकाल कर अलग कर दें। बीज रहित टमाटर के टुकड़े में चंदन पाउडर और हल्दी को मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे पर लगाकर पंद्रह मिनट के लिए छोड़ दें और फिर पानी से चेहरा धो लें। एक या दो दिन छोड़कर इस पेस्ट को नियमित रूप से लगाया जा सकता है।

कैसे मदद करता है ?

टमाटर में विटामिन-सी की मात्रा अधिक होती है, जो चेहरे की चमक को बढ़ाने में मदद करती है।

7. बेकिंग सोडा (Baking Soda):-

एक कटोरी में बेकिंग सोडा, जैतून के तेल और शहद का मिश्रण बना लें। इस मिश्रण को चेहरे पर लगाएं और दस से पंद्रह मिनट के बाद चेहरे को पानी से धो लें। आप हफ़्ते में एक बार इस मिश्रण का इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे मदद करता है ?

बेकिंग सोडा पीएच संतुलन को ठीक रखकर त्वचा की चमक को बढ़ाने में मदद करता है।

खिंचाव के निशान (Streck Marks)

स्ट्रेच मार्क्स त्वचा पर हानिरहित दागों का एक रूप हैं। ये निशान हल्के रंग के होते हैं और त्वचा के आकार बदलने के कारण होते हैं।

स्ट्रेच मार्क्स क्या है?(What is stretch marks)?

वजन में बदलाव, शरीर सौष्ठव या हार्मोनल बदलावों के कारण त्वचा तेजी से फैलती है जिससे त्वचा में मार्क्स बन जाते हैं। जहां त्वचा खिंच रही हैस वहां लाल और बैगनी निशान बनने लगते हैं। स्‍ट्रेच मार्क्‍स शरीर में दिखने वाले एक भद्दे से निशानों का एक प्रकार है। ये निशान शरीर में धारदार लाइन और हल्के रंग के नजर आते है जो त्वचा के आकार बदलने के कारण होते हैं। स्‍ट्रेच मार्क्‍स आमतौर पर महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान पेट पर और शरीर के सामान्‍य हिस्‍सों जैसे स्‍तन, बांहो, नितम्‍बों और जांघों पर हो जाते है।
वजन बढ़ने, बॉडी बिल्डिंग और हार्मोनल बदलावों के कारण त्‍वचा में फैलाव की वजह से त्‍वचा में मार्क्‍स बन जाते हैं। जहां जहां से शरीर की त्‍वचा स्‍ट्रेच यानी फैलनी शुरु होती हैं, वहां ये स्‍ट्रेच मार्क्‍स उभरने लगते हैं।

स्ट्रेच मार्क्स या खिंचाव के निशान हटाने के घरेलू उपाय (Home remedies to remove stretch marks or stretch marks)

कई बार शरीर की त्वचा पर त्वचा के रंग से भिन्न लकीर या धारियों के निशान पड़ने लगते हैं, इन्हे ही स्ट्रेच मार्क्स कहते हैं। सामन्यतः ये पेट पर1 अधिक होते हैं, परन्तु ये शरीर के किसी भी अंग की त्वचा जैसे हाथ , कोहनी के पास, पैरों की पिंडलियाँ, जांघ आदि पर भी हो सकते हैं। महिलाएं मुख्यतः इससे बहुत ही परेशान रहती है। पुरुष वर्ग भी इन निशान की समस्या से अनछुआ नहीं है। बहुत अधिक कसरत या सही कसरत ना करने पर भी शरीर पर कुछ निशान बनने लगते हैं। कई बार स्ट्रेच मार्क्स शरीर के बड़े हिस्से में भी होने लगते हैं। अगर इन पर ध्यान नहीं दिया जाए, तो यह समस्या बढ़ने लगती है।

1.पानी (Water) :-

जल ही जीवन है। पृथ्वी पर रहने के लिए पानी सबसे आवश्यक है। शरीर की आधी बीमारियां पानी पीने से नष्ट हो जाती हैं। हमारे शरीर में 72% पानी की मात्रा है। डॉक्टर्स भी रोजाना कम से कम 8-10 गिलास पानी पीने की सलाह देते हैं। पानी शारीर में होने वाले हार्मोन्स के बदलाव को बराबर रखने में सहायक होता है। भरपूर पानी की मात्रा शरीर में रक्त में उपस्थित ऑक्सीजन को संयोजित रखता है, जिससे रक्तसंचार सही होता है। इसके कारण प्रत्येक तन्तु एवं कोशिकाएं सुचारू रूप से अपना कार्य करती हैं और इनमे होने वाले खिंचाव को रोकता है, जिससे किसी भी प्रकार के स्ट्रेच मार्क्स या निशान नहीं होते हैं।

2.अरण्डी का तेल (Castor oil) :-

स्ट्रेच मार्क्स को हटाने के लिए अरण्डी के तेल का उपयोग भी किया जाता है। इसे 5-10 मिनट के लिए निशान पर ऊँगली से गोल घुमाकर मालिश करते हुए लगाइए और फिर उतनी जगह को किसी कपड़े से बाँध (जैसा किसी पर पट्टी बांधते हैं) कर आधे घंटे तक गुनगुने पानी की भाप दीजिये। एक महीने तक ऐस करने से निशान गायब होने लगेंगे।

3.एलोवेरा (Aloevera):-

एलोवेरा मुहासे हटाने का बहुत अच्छा इलाज है. एलोवेरा त्वचा सम्बन्धी सभी परेशानी को हटाने का रामबाण इलाज है। चाहे चेहरे पर कील, मुहांसे हो, या उनके दाग, काले घेरे या किसी भी प्रकार के निशान, अलोवेरा हर मर्ज की दवा है। इसे किसी भी रूप में उपयोग किया जा सकता है। इसे लगाना बहुत ही आसान है। एलोवेरा के गुदे को निकाल कर इसे चेहरे पर लगाने से चेहरे की झाइयाँ, कालेघेरे, दाग धब्बे एवं निशान कम होने लगते हैं और चेहरा और त्वचा चमकने लगते हैं। इसे शरीर के किसी भी अंग के निशान मिटाने के लिए प्रयोग किया जा सकता है|

4.अंडे की सफेदी (Egg Whiteness) :-

अंडा प्रोटीन का सबसे अच्छा स्त्रोत है। अंडे की सफेदी में एमिनो एसिड और प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है। जिस भी जगह पर किसी प्रकार के निशान हो, उस पर अंडे की सफेदी को 15-20 मिनट तक (जब तक सुख ना जाये) लगा कर रखिये। फिर उसे ठन्डे पानी से धो लीजिए। इसके बाद उस पर नमी के लिए जैतून का या कोई और तेल लगाइए। ऐसा रोजाना कुछ दिनों तक करने पर स्ट्रेच मार्क्स हल्के होने लगेंगे।

5.हल्दी (Turmeric) :-

हल्दी एक आयुर्वेदिक औषधि है| हडली में पानी या तेल डालकर पेस्ट बनायें, इसे स्ट्रेच मार्क्स पर दिन में दो बार लगायें, ये जल्दी ही कम होने लगेंगें|

स्ट्रेच मार्क्स हटाने के लिए बेस्ट तेल (Best oil to remove stretch marks)

बायो ऑयल क्या होता है (What is bio oil)

बायो ऑयल का उपयोग स्ट्रेच मार्क्स हटाने के लिए किया जाता है बायो ऑयल में विटामिन ई भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके साथ ही इसमें लैवेंडर (Lavender) , रोजमेरी (Rosemary) और कैमोमाइल (Cammomile) जैसे ऑयल भी शामिल होते हैं।

बायो ऑयल के फायदे (Benefits of bio oil)

बायो ऑयल के फायदे जानने से पहले पाठक इस बात को भी ध्यान में रखें कि बायो ऑयल लेख में शामिल किसी भी समस्या का मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं है। यह सिर्फ उन समस्या के प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में सहायक भूमिका निभा सकता है।

1. झुर्रियों को कम करने के लिए
2. मुंहासों और दाग-धब्बों से आराम दिलाए
3. स्ट्रेच मार्क्स कम करने के लिए
4. रंगत निखारने के लिए
5. ऑयली त्वचा के लिए लाभदायक
6. बालों के लिए लाभदायक

लाल और सफेद स्‍ट्रेच मार्क्‍स में फर्क क्‍या है?(What is the difference between red and white stretch marks)?

  • लाल स्ट्रेच मार्क्स(Red stretch marks) :- लाल रंग के स्ट्रेच मार्क्स अगर आपकी त्‍वचा पर है तो ये निशान ताजे है, जो नए नए आपके शरीर पर हुए है। यह केवल स्‍ट्रेच मार्क्‍स का शुरुआती स्‍तर है। इस तरह के निशान ब्‍लड वेसल्स को दिखाते हैं, इसलिए इनका रंग लाल होता है। इस स्तर पर, विभिन्न टॉपिकल क्रीम के माध्यम से कोलेजन को पुनर्स्थापित करके निशान तेजी से ठीक हो सकते हैं। यहां तक कि ‘पल्स डाय’ जैसे लेजर उपचार इन निशानों पर प्रभावी ढंग से काम करते हैं जो नई कोशिकाओं को बनाते हैं। फिर भी हम आपको कुछ नीचे लाल स्‍ट्रेच मार्क्‍स हटाने के घरेलू उपाय बताएंगे, जिनसे आपको कुछ राहत मिलेगी।
  • सफेद स्ट्रेच मार्क्स(White stretch marks) :- इन स्‍ट्रेच मार्क्‍स को शरीर में बने हुए कभी लम्‍बा समय हो जाता है तो ये सफेद रंग के हो जाते है, ‘माइक्रोडर्माब्रेसन’ जैसे उपचार, इन निशान के बनावट को सुधारने और पॉलिश करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि यह उपचार कोलेजन को पुनर्स्थापित करने में सक्षम नहीं होगा। सफेद स्ट्रेच मार्क्स के लिए एक अन्य उपचार ‘एक्सीमर लेजर’ है, जो स्‍ट्रेच मार्क्‍स के रंग को पुनर्स्थापित करने में मदद करता है। दूसरे तरह के लेजर आधारित ट्रीटमेंट जैसे आईपीएल और फ्रैक्सेल इन स्‍ट्रेच मार्क्‍स की बनावट को सुधारने और रंग को फीका करने में मदद करते हैं। लेकिन इन सभी ट्रीटमेंट का रिजल्‍ट व्‍यक्ति की त्‍वचा पर और स्‍ट्रेच मार्क्‍स के बनावट पर निर्भर करता है|
  • क्रीम और मॉश्चराइजर (Cream and moisturizer):- ऐसी क्रीम और मॉश्चराइजर का इस्तेमाल करें, जो त्वचा में खिंचाव या कसाव लाने में मदद करें। नए स्ट्रेच मार्क्‍स के लिए लोशन और क्रीम सर्वश्रेष्ठ हैं, लेकिन वे पुराने स्ट्रेच मार्क्‍स दूर करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, वे उतने असरदार नहीं हैं। रेटीनोइक अमल वाली क्रीम नए स्ट्रेच मार्क्‍स के लिए सर्वश्रेष्ठ होती है।
  • नींबू का रस(Lemon juice):- नींबू का रस एक प्राकृतिक अमल है, जो स्ट्रेच मार्क्‍स को हल्का करता है। नींबू के रस को स्ट्रेच मार्क्‍स पर लगाएं और 10 मिनट बाद धो लें।

स्ट्रेच मार्क्स हटाने के 4 बेस्ट क्रीम(4best creams to remove stretch marks)

आजकल बाजार में कई तरह के स्ट्रेच मार्क हटाने वाली क्रीम मिलती हैं। लेकिन उनमें से कुछ प्रभावी नहीं होते और पूरी तरह से स्ट्रेच मार्क को हटाने में मदद नहीं करते लेकिन कुछ उत्पाद ऐसे हैं जो नियमित रूप से उपयोग करने पर समय के साथ निशान को कम करते हैं। और शरीर से उन स्ट्रेच मार्क से छुटकारा पाने में मदद करते हैं।

1. मेडर्मा स्ट्रेच मार्क्स थेरेपी(Mederma Stretch Marks Therapy):-


स्ट्रेच मार्क्स के लिए क्रीम के रूप में कुछ ऐसा चुनना चाहते हैं, जो पूरी तरह सिर्फ खिंचाव के निशान ठीक करने का काम करती है| मेडर्मा स्ट्रेच मार्क्स थेरेपी मुख्य रूप से स्ट्रेच मार्क्स को ठीक करने का काम करती है। यह त्वचा को हाइड्रेट करने के साथ ही खिंचाव के निशान को हल्का करने में मदद कर सकती है।

2. पामर कोकोआ बटर फॉर्मूला मसाज क्रीम फॉर स्ट्रेच मार्क्स(Palmer Cocoa Butter Formula Massage Cream for Stretch Marks):-


पामर कोकोआ बटर फॉर्मूला मसाज क्रीम स्किन पर मौजूद स्ट्रेच मार्क्स को दूर करने के साथ ही चेहरे की रंगत को निखारने का भी काम कर सकती है। साथ ही इसे डलनेस को दूर करने और त्वचा की नमी को बरकरार रखने के लिए भी जाना जाता है।

3.ब्लू नेक्टर स्ट्रेच मार्क्स एंड स्कार बॉडी लोशन क्रीम विथ कोको बटर, शिया बटर एंड अपलिफ्टिंग रोज(Blue Nectar Stretch Marks and Scar Body Lotion Cream with Cocoa Butter, Shia Butter and Uplifting Rose):-


स्ट्रेच मार्क्स हटाने के लिए क्रीम के रूप में ब्लू नेक्टर को भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इस स्ट्रेच मार्क्स क्रीम को बनाते समय हानिकारक रसायन का इस्तेमाल नहीं किया गया है। इसमें कोको और शिया बटर के साथ ही अन्य 12 जड़ी-बूटी को शामिल किया गया है। शायद इसी वजह से स्ट्रेच मार्क्स हटाने की क्रीम के रूप में इसे प्रभावी माना जाता है।

4. नाम्या नेचुरल साइंस बॉडी टोनिंग / स्कल्पटिंग वंडर ऑयल (Namya Natural Science Body Toning / Sculpting Wonder Oil):-


यह एक मल्टीपर्पस ऑयल है। इस ऑयल की मदद से स्ट्रेच मार्क्स को कम करने के साथ ही बढ़ती उम्र के लक्षण जैसे फाइन लाइन्स और झुर्रियों को भी कम किया जा सकता है। इस तेल का नॉन-ग्रीसी फॉर्मूला त्वचा को नरम और मुलायम बनाने का काम करता है। साथ ही डैमेज स्किन को भी रिपयेर कर सकता है। इस तेल को शरीर के किसी भी हिस्से में उपयोग किया जा सकता है।

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वजन बढ़ाने के टिप्स (Weight gain tips)

तनाव आवश्यकता से अधिक बढ़ जाए तो इससे कोर्टिसोल का स्तर भी बढ़ जाता है। एक स्टडी के मुताबिक, कोर्टिसोल का उच्च स्तर व फैट मास का आपस में गहरा नाता है। कोर्टिसोल नामक स्ट्रेस हार्मोन कई तरह की समस्याएं पैदा करने के साथ−साथ वजन भी बढ़ाने का काम करता है।

वजन कैसे बढ़ता है?(How does weight gain)?

कमजोर व दुबला पतला शरीर होने से ना सिर्फ पर्सनालिटी पर इसका खराब असर पड़ता है बल्कि कमजोर शरीर होने से बीमारियों से बचाव भी मुश्किल होता है | किसी दुर्घटना या बीमारी की वजह से यदि शरीर में रक्त की कमी हो जाये तो कमजोर व्यक्ति के लिए मुसीबत सामान्य व्यक्ति की तुलना में कई गुना अधिक बढ़ जाती है इसलिए कमजोर व्यक्ति को अपना वजन बढ़ाने के लिए उपाय जरुर करने चाहिए | लेकिन वजन बढ़ाना और संतुलित तरीके से वजन बढ़ाना, दोनों बिलकुल अ‍लग-अलग बाते हैं। अगर आपका वजन कम है और आप उसे ठीक तरह से बढ़ाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको बिना किसी सप्लीमेंट के धीरे-धीरे प्राकृतिक तरीके से अपने वजन में वृद्धि करनी चाहिए | इसके लिए सबसे जरुरी बातें है- पोष्टिक आहार खाना, मजबूत पाचन शक्ति, कब्ज जैसी पेट की बीमारियाँ ना होना, थोडा बहुत व्यायाम और भरपूर नींद इसके अतिरिक्त कार्बोहाइड्रेट की अधिकता वाला भोजन अधिक करें क्योंकि अतिरिक्त कार्बोहाइड्रेट शरीर में जमा होने लगता है जिससे वजन बढ़ाने में सहायता मिलती है |

वजन बढ़ाने के घरेलू उपाय(Home remedy for weight gain)

  • वजन बढ़ाने के लिए प्रोटीन का सेवन जरूरी है इसलिए अपने आहार में चिकन, मछली, अंडा, दूध, बादाम व मूंगफली आदि को शामिल करें। इसके अलावा कार्बोहाइड्रेट भी वजन बढ़ाने में मददगार होता है इसके लिए आप इन सब चीजो का सेवन करें पास्ता, आलू, ब्राउन राइस, ओटमील आदि।
  • वजन बढ़ाने के लिए सुबह-सुबह ‌सूखे मेवे को दूध में पीसकर उबाल लें और इसे पिएं। खासतौर पर बादाम, खजूर और अंजीर के साथ गर्म दूध पीने से भी वजन तेजी से बढ़ता है। किशमिश खाने से वजन तेजी से बढ़ता है।
  • वजन बढ़ाने के लिए हरे आवलों को कद्दूकस करके अथवा कुचलकर कपड़े से छानकर आवलों का रस निकाल लें। इसे 15 ग्राम (तीन चाय वाले चम्मच भर) में समान भाग में शहद मिलाकर प्रात: समय व्यायाम के बाद पी लें। इस प्रयोग के 2 घंटे बाद तक कुछ भी न खाएं-पिएं। यह प्रयोग निरंतर 2 माह कर लेने से कायाकल्प होकर दुबले-पतले और रोगी व्यक्ति मोटे-ताजे तथा स्वस्थ हो जाते हैं।
  • वजन बढ़ाने के लिए सुबह-शाम भैंस के दूध में छुआरा मिलाकर पीने से भी कमजोर व्यक्ति का वजन तेजी से बढ़ता है।
  • 200 ग्राम पका केला खाकर ऊपर से 200 ग्राम दूध पीने से शरीर धीरे-धीरे वजन बढ़ाने में सहायता मिलती है तथा व्यक्ति मोटा होने लगता है।
  • वजन बढ़ाने के लिए के लिए दूध हमेशा फुल क्रीम वाला ही पियें |
  • घी और शक्कर मिलाकर खाने से मोटापा बढ़ता है तथा दुबलापन दूर होता है।
  • वजन बढ़ाने के लिए रोजाना दूध में शहद मिला कर पिएं।
  • सुबह के भोजन में चावल व मक्का की चपातियां खाने से भी शरीर मोटा होता है।
  • नारियल की गिरी को मिश्री के साथ चबाने से दुबलापन दूर होता है।
  • अनार, चुकंदर, टमाटर का रस रक्त में आयरन का स्तर बढ़ाता है इसलिए इन सब जूस का सेवन जरुर करें |
  • वजन बढ़ाने के लिए छुआरा भी बहुत काम की चीज है यह शरीर का नव रक्त का निर्माण करता है, ताकत प्रदान करता है। तथा शरीर का दुबलापन भी दूर करता है।
  • सुबह के भोजन में छिलके सहित काले उड़द की दाल खाने से वजन बढ़ाने में मदद मिलती है।
  • मौसम के मुताबिक फलों के सेवन करें ।
  • प्रतिदिन सुबह खुली हवा में टहलने से शरीर मजबूत होता है।
  • किसी भी तरह के तनाव को भूलकर भी न पालें, क्योंकि तनाव दुबले शरीर को मोटा होने में बाधा पहुंचाता है।
  • सर्दियों में मक्के की चपातियां खाने से पतला शरीर धीरे-धीरे मोटा होने लगता है।
  • मोटा होने के लिए आप पीनट बटर, चीस, पनीर, घी, ब्रेड, रेड मीट, केक, मिठाइयाँ, चोकलेट,
  • गोंद के लड्डू दूध के साथ आदि का सेवन करें लेकिन यदि आपकी उम्र 20-25 साल से अधिक है तो इनका कम मात्रा में ही सेवन करें नहीं तो कई दूसरी बीमारियाँ आपको घेर सकती है |
  • रोजाना दो सेब चबा-चबाकर खाने से भूख खुलकर लगती है तथा खाना खाने की क्षमता बढ़ती है। इससे भी शरीर का दुबलापन दूर होने लगता है।

हर्बालाइफ व्यक्तिगत प्रोटीन पाउडर (Herbalife Personalized Protein Powder)

इस प्रतिस्पर्धा के दौर में कई तरह के वजन बढ़ाने के लिए बेस्ट प्रोटीन पाउडर बाजार में उपलब्ध हैं|जो वजन बढ़ाने में आपकी मदद करेंगे। ओएन सीरियस मास गेनर पाउडर मांसपेशियों को लाभ पहुंचाता है और वजन बढ़ाने में मदद करता है। यह प्रोटीन पाउडर बाजार में केला, वेनिला, चॉकलेट और चॉकलेट पीनट बटर जैसे विभिन्न फ्लेवर में आता है। यह मास गेनर एक नॉन-शाकाहारी उच्च कैलोरी वजन बढ़ाने वाला पाउडर है, जिसमें कार्ब प्रोटीन का अनुपात 5:1 है। जब इसको पानी के साथ मिलाया जाता है तो यह प्रति सर्विंग में 1250 कैलोरी प्रदान करता है और यदि इसे कम वसा वाले दूध के साथ एक शेक के तौर पर बनाया जाता है तो इसमें कैलोरी की मात्रा 1640 हो जाती है। यह 50 ग्राम मिक्स्ड प्रोटीन और 250 ग्राम बिना चीनी का कार्बोहाइड्रेट प्रदान करता है। इसमें कई आवश्यक खनिज और विटामिन के साथ ग्लूटामिक एसिड, ग्लूटामाइन और क्रिएटिन पाया जाता हैं। यह प्रोटीन पाउडर एक शाकाहारी उत्पाद है, जो प्लांट बेस्ड सोया, गेहूं और पीले मटर से तैयार होता है और आपके शरीर का वजन बढ़ाने में मदद करता है ।

  • बस अपने पसंदीदा फॉर्मूला 1 शेक के साथ व्यक्तिगत प्रोटीन पाउडर के 2 से 3 स्कूप्स को मिलाएं|
  • कैल्शियम के मामले में, चीनी प्रोटीन विटामिन और खनिज पोषण बच्चों के पेय मिश्रण है|

हिमालया वेलनेस अयुरस्लीम कैप्सूल वेट मैनेजमेंट (Himalaya Wellness AyurSlim Capsules Weight Management)

गार्सिनोनिया को शरीर की वसा को स्टोर करने की क्षमता को धीमा करने के लिए जाना जाता है, संभावित रूप से खाद्य पदार्थों से अधिक वसा को संग्रहीत किए बिना शरीर से गुजरने में सक्षम बनाता है। यह आपका एक चौथाई पेट भरता है और कम भूख लगने का अहसास कराता है। इसके अलावा यह पाचन तंत्र के लिए भी उपयोगी है।

  • हिमालय ड्रग कंपनी है|
  • मोटापा, हाइपरलिपिडिमिया और शुगर के लिए तरसना|
  • भोजन के बाद या अपने चिकित्सक द्वारा निर्देशित दो गोली प्रतिदिन दो बार|

वजन बढ़ाने के लिए भूख लगना भी है जरुरी(Hunger is also necessary to gain weight)

  • वजन बढ़ाने के लिए सबसे पहले भूख का लगना और खाया हुआ भोजन पचना सबसे जरुर बात है इसलिए भोजन के एक घंटा पहले पंचसकार चूर्ण को एक चम्मच गरम पानी के साथ लेने से भूख खुलकर लगती है ।
  • भोजन में पतले एवं हलके व्यंजनों का प्रयोग करने से खाया हुआ जल्दी पच जाता है, जिससे जल्दी ही भूख लग जाती है।
  • खाना खाने के बाद अजवायन का चूर्ण थोड़े से गुड़ के साथ खाकर गुनगुना पानी पीने से खाया हुआ पचेगा, भूख लगेगी और खाने में रुचि पैदा होगी।
  • भोजन के बाद सुबह-शाम दो-दो चम्मच पंचासव (Panchasav) सीरप लें, इससे खाया-पिया जल्दी पच जाएगा और खाने के प्रति रुचि बढ़ेगी ।
  • पानी अधिक मात्रा में पियें और थोड़ी बहुत एक्सरसाइज जरुर करें |
  • इन उपायों से आप एक महीने म एक से दो किलो तक वजन बढ़ा सकते है |

वजन बढ़ाने के लिए योग कैसे मदद करता है?(How does yoga help to gain weight)?

योग को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की कुंजी माना गया है। योग शरीर में ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाता है और आंतरिक रूप से शरीर को शुद्ध करता है। शरीर से जुड़ी किसी भी तकलीफ का इलाज योग द्वारा संभव है, लेकिन इसके लिए आपको नियमित योगाभ्यास करना होगा और खानपान पर नियंत्रण करना होगा।

योग से न सिर्फ मोटापा कम किया जा सकता है, बल्कि वजन को बढ़ाया भी जा सकता है। अगर आप अंडरवेट का शिकार हैं, तो आप योगासन की मदद ले सकते हैं। योग की कई ऐसी क्रियाएं हैं, जो जल्द वजन बढ़ाने का काम करेंगी। ये यौगीक क्रियाएं आपकी भूख को बढ़ाएंगी, जिससे बॉडी मास भी बढ़ेगा। हम कुछ ऐसे ही योगासनों के बारे में बताएंगे, जो आपके कम वजन को ठीक करने का काम करेंगे |

वजन बढ़ाने के लिए योगासन (Yogasana for weight gain)

1.भुजंगासन (Bhujangasana) :-

अंडरवेट की समस्या से निजात पाने के लिए आप भुजंगासन कर सकते हैं। यह आसन सीधा पाचन तंत्र पर काम करता है, जिससे भूख में सुधार होता है। इसके अलावा, यह आसन करने से मेटाबॉलिज्म ठीक रहता है और सांस लेने में सुधार होता है।

2. वज्रासन (Vajrasana) :-

यह एकमात्र ऐसा आसन है, जिसका अभ्यास भोजन के तुरंत बाद किया जा सकता है। यह आसन सीधा पाचन तंत्र पर काम करता है और मेटाबॉलिजम को नियंत्रित करने का काम करता है। इसके अलावा, यह आसन मन भी शांत करता है। अंडरवेट की समस्या को ठीक करने के लिए आप वज्रासन का अभ्यास कर सकते हैं।

3. सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) :-

अंडरवेट की समस्या से निजात पाने के लिए आप सूर्य नमस्कार का अभ्यास कर सकते हैं। सूर्य नमस्कार को आसनों का समूह कहा जाता है, जिसमें 12 मुद्राएं शामिल होती हैं और इन्हें आपको एक के बाद एक करना होता है। यह सभी आसन मिलकर पाचन तंत्र से लेकर हृदय स्वास्थ्य, तंत्रिका तंत्र व मांसपेशियों को स्वस्थ रखने का काम करते हैं। घटते वजन को संतुलित करने के लिए आप सूर्य नमस्कार का सहारा ले सकते हैं। यह आसन इम्यून सिस्टम को मजबूत करने का काम भी करता है, जिससे आपकी भूख न लगने की आदत में सुधार होगा और आपका बीएमआई बढ़ेगा।

4.सर्वांगासन (Sarvangasan) :-

सर्वांगासन रक्त और ऑक्सीजन के संचालन में सुधार करने के लिए प्रभावी आसन है। रक्त का संचालन शरीर में पोषक तत्वों को बढ़ावा देता है, जिससे शरीर के सभी अंग पोषित होते हैं। शरीर में ऊर्जा और मजबूती के लिए आप इस आसन का अभ्यास नियमित रूप से कर सकते हैं।

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नारियल पानी के लाभ (Benefits of coconut water )

ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में नारियल पानी काफी मदद करता है. नारियल पानी में मौजूद विटामिन सी, पोटैशियम और मैग्नीशियम ब्लड प्रैशर को कंट्रोल रखता है. बढ़ती गर्मी की वजह से आपका एनर्जी लेवल काफी कम हो जाता है. इसमें इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है|

नारियल पानी क्या है?(what is coconut water)

नारियल पानी खून से शुगर लेवल को कम करता है.इंसुलिन की कमी की वजह से डायबिटीज की समस्या होती है. नारियल का पानी इंसुलिन को बढ़ाता है|नारियल में विटामिन, पोटैशियम, फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम, विटामिन और खनिज तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं|

नारियल पानी पीने का सही समय(The right time to drink coconut water)

नारियल पानी किसी भी समय पिया जा सकता है, लेकिन सुबह के वक्त खाली पेट नारियल पानी पीना सबसे उपयुक्त माना जाता है।सही समय पर पीना यकीनन इसके फायदों को दोगुना कर देता है|नारियल पानी पीने से शरीर को ऊर्जा मिलती है,लोगों को उच्च रक्तचाप की समस्या रहती है वे नारियल पानी का सेवन कर सकते हैं. मिठास और तासीर ठंडी होने के कारण ये घबराहट को खत्म करता है|
गर्भावस्था की पहली तिमाही में नारियल पानी के सेवन से सुबह के समय जी मिचलाना, कब्ज और थकान दूर करने में तो मदद मिलती है, साथ ही यह प्रतिरोधक क्षमता सुधारने और शरीर में पानी की कमी को दूर करने में भी मदद करता है. गर्भावस्था में ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लेना भावी मां और बच्चे दोनों के लिए ही फायदेमंद होता है|

कब्ज और जी जलने की समस्या दूर करता है(Relieves constipation and burning problems)

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव जिसकी वजह से जी जलने, कब्ज और अपच की समस्या हो जाती है। इस दौरान नारियल पानी का सेवन फायदेमंद होता है। नारियल के पानी में डाइट्री फाइबर होते हैं जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाने, पीएच को नियमित करने में मदद करते हैं।

त्वचा से सम्बंधित समस्या को दूर करता है(Relieves skin related problems)

ओहरी के अनुसार त्वचा को साफ करने में नारियल पानी बेहद उपयोगी है। यह मुंहासों और झाइंयों को भी दूर करने में मददगार होता है। नारियल पानी नेचुरल मॉश्चराइजर भी है। – नारियल के पानी में दूध से ज्यादा पोषक तत्व होते हैं क्योंकि इसमें कोलेस्ट्रोल और वसा की मात्रा नहीं है।
बालों से सम्बंधित समस्या को दूर करता है(Removes hair related problems)
बालों को मजबूती मिलती है जिससे उनका झड़ना कम होता है। इसके अलावा दोमुंहे बालों की प्रॉब्लम भी दूर होती है। नारियल के पानी में ऐंटि फंगल और ऐंटि बैक्टीरियल तत्व मौजूद होते हैं। इसे सिर की जड़ों में लगाने और वॉश करने से डैंड्रफ, खुजली जैसी कई समस्याएं दूर होती हैं।

नारियल पानी पीने के ये 7 फायदे (These 7 benefits of drinking coconut water)

1. नारियल पानी पीते रहने से शरीर में पानी की कमी नहीं होने पाती है. शरीर में पानी की कमी हो जाने पर या फिर शरीर की तरलता कम हो जाने पर, डायरिया हो जाने पर, उल्टी होने पर या दस्त होने पर नारियल का पानी पीना फायदेमंद रहता है. इससे पानी की कमी तो पूरी होती ही है साथ ही जरूरी लवणों की मात्रा भी संतुलित बनी रहती है|
2. हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए भी नारियल के पानी का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें मौजूद विटामिन सी, पोटैशियम और मैग्नीशियम ब्लड-प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक होते हैं. साथ ही ये हाइपरटेंशन को भी नियंत्रित करने में सहायक होता है|
3. कोलेस्ट्रॉल और फैट-फ्री होने की वजह से ये दिल के लिए बहुत अच्छा होता है. इसके साथ ही इसका एंटी-ऑक्सीडेंट गुण भी सर्कुलेशन पर सकारात्मक प्रभाव डालता है|
4. हैंगओवर से छुटकारा पाने के लिए भी नारियल का पानी एक अच्छा उपाय है|
5. अगर आप वजन घटाने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं तो एकबार नारियल पानी का भी इस्तेमाल करके देखिए|
6. सिर दर्द से जुड़ी ज्यादातर समस्याएं डिहाइड्रेशन की वजह से ही होती हैं. ऐसे में नारियल पानी पीने से शरीर को तुरंत इलेक्ट्रोलाइट्स पहुंचाने का का काम करता है, जिससे हाइड्रेशन का स्तर सुधर जाता है|
7. बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने के लिए भी नारियल पानी का प्रयोग किया जाता है. इसमें मौजूद cytokinins कोशिकाओं और ऊतकों पर सकारात्मक प्रभाव डालकर बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने में मदद करता है|

गर्मी में नारियल पानी पीने के फायदे (Benefits of drinking coconut water in summer)

गर्मी के मौसम आते ही कई तरह की बीमारियां भी आती हैं। इसके अलावा दिन बहुत बोझिल लगते हैं और थकान भी बहुत महसूस होती है। ऐसे में नारियल पानी हमारे सेहत के लिए रामबाण साबित होता है। ढेर सारे मिनरल्स और न्यूट्रिएंट्स से भरपूर नारियल पानी पीकर गर्मी के मौसम में ताजगी का एहसास कराता है। इसके साथ ही नारियल पानी में पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट्स और पोषक तत्व शरीर को स्वस्थ रखते हैं। नारियल पानी में विटामिन सी, मैग्नीशियम, मैग्नीज, पोटैशियम, सोडियम और कैल्शियम भी भरपूर मात्रा में होता है। नारियल पानी में कैलोरी की मात्रा कम होने से वजन घटाने में मदद करता है।

रोगों से सम्बंधित समस्या को दूर करता है (Removes problems related to diseases)

1. किडनी की पथरी में फायदेमंद :- जिसको किडनी में पथरी हो जाती है। उसको नारियल पानी बहुत फायदा करता है। कैल्शियम, ऑक्सलेट और अन्य कई तत्वों का मिलकर क्रिस्टल बनने के कारण किडनी में पथरी बन जाती है। नारियल पानी इन क्रिस्टल्स को गलाता है और पथरी को जल्दी बाहर निकालने में मदद करता है।
2.डायबीटीज में मददगार :- नारियल पानी ब्लड में शुगर का लेवल कम करता है। डायबीटीज की मुख्य वजह शरीर में इंसुलिन हार्मोन की कमी है। नारियल पानी में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर में इंसुलिन के सर्कुलेशन में मदद करते हैं। डायबीटीज के मरीज को नारियल पानी जरूर पीना चाहिए। वहीं, इसमें मौजूद मैग्नीशियम तत्व टाइप-2 डायबीटीज और प्री-डायबीटीज में फायदेमंद होता है।
3.एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर :- शरीर में जब ज्यादा फ्री रेडिकल्स होने से ये सेल्स को डैमेज करने लगते हैं। इससे दिल और किडनी से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। नारियल पानी पीने से इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स फ्री रेडिकल्स को खत्म करते हैं और शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
4.बुखार में आराम :- गर्मी में बुखार आ जाए तो नारियल पानी पीना चाहिए। इससे बुखार कम होता ही है, इसके साथ शरीर में आई कमजोरी और पोषक तत्वों की कमी को भी पूरा करता है। नारियल पानी हल्का होने के चलते शरीर इसे जल्दी अवशोषित कर लेता है।
5.उल्टी दस्‍त में फायदा :- गर्मी के मौसम में दस्त, उल्टी होना आम बात होती है, क्योंकि इस मौसम में पाचन संबंधी समस्या अधिक होती है। इससे शरीर में काफी कमजोरी आ जाती है। उल्दी, दस्त होने के पीछे शरीर में पानी की कमी होना सबसे बड़ा कारण होता है। ऐसे में नारियल पानी सबसे बेहतर विकल्प है। वहीं, नारियल पानी पीने से पथरी भी टूटकर पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाती है।
6. मुंहासों से छुटकारा :- गर्मी में चेहरे पर मुंहासे की समस्या बढ़ जाती है। इसके साथ ही टैनिंग और सनबर्न की समस्या भी होने लगती है। ऐसे में नारियल पानी बहुत फायदा करता है। रोजना दो बार चेहरे पर नारियल पानी लगाने से स्किन साफ हो जाती है।

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मुंहासे की समस्या (Acne problem)

मुंहासे निकलने की समस्या बेहद आम हो गई है। खासकर जिनकी त्वचा ऑयली यानी तैलीय है, उन्हें पिंपल ज्यादा परेशान करते हैं। पिंपल न सिर्फ चेहरे की खूबसूरती को कम करता है, बल्कि कई बार असहनीय दर्द भी देते हैं।

मुँहासे क्या है?(What is acne)?

चिकित्सा शर्तों में एक्ने वाल्गारिस है जो मुख्य रूप से तेल ग्रंथियों से संबंधित होता है, यह बालों के रोम के आधार पर पाए जाते हैं। किशोरावस्था में यह सबसे आम होते है जब ये ग्रंथियां काम करना शुरू कर देती हैं। दोनों लिंगों के एड्रेनल ग्रंथियों द्वारा गुप्त पुरुष हार्मोन से प्राप्त उत्तेजना के कारण ग्रंथियां सक्रिय हो जाती हैं।

मुँहासे आमतौर पर चेहरे, गर्दन, कंधे, पीठ और मनुष्यों में छाती पर पाए जाते हैं। एक त्वचा बनाने के लिए त्वचा कोशिकाओं, तेल सेबम और बाल एक साथ चिपकते हैं। समय में प्लग बैक्टीरिया की उपस्थिति के कारण संक्रमित हो जाता है जिसके परिणामस्वरूप सूजन हो जाती है। प्लग टूटना शुरू होता है और एक मुँहासे विकसित होता है।

मुँहासे का कारण क्या है?(What Causes Acne)?

मुँहासे के बारे में ध्यान देने योग्य एक दिलचस्प बात यह है कि यह निश्चित रूप से नहीं बताया जा सकता कि इसका कारण क्या है। विशेषज्ञों के मुताबिक, हार्मोन एंड्रोजन है जो युवावस्था के दौरान बढ़ता है जो बदले में त्वचा ग्रंथियों के विकास की ओर जाता है जिसके परिणामस्वरूप अत्यधिक होता है। यह छिद्रों की सेलुलर दीवार को तोड़ देता है जो जीवाणु विकास को सक्षम बनाता है।
कुछ अध्ययनों के मुताबिक आनुवंशिक प्रवृत्ति का एक तत्व भी है। लिथियम और एंड्रोजन के साथ दवा भी स्थिति का कारण बन सकती है। चीकनाहट भी एक और कारण हैं। प्रेगनेंसी से संबंधित हार्मोनल परिवर्तन से भी मुँहासे हो सकते है।

मुँहासे के विभिन्न प्रकार क्या हैं?(What are the different types of acne)?

  • व्हाइटहेड्स :- ये बहुत छोटे होते हैं और आमतौर पर त्वचा के नीचे मौजूद होते हैं।
  • ब्लैकहेड :- ब्लैकहेड स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। वे रंग में काले और त्वचा की सतह पर अपनी उपस्थिति बनाते हैं। यह एक गलतफहमी है कि ब्लैकहेड गंदगी के कारण होते हैं और आपके चेहरे को गंदा करने के साथ स्क्रब करते हैं।
  • पैप्युल्स :- पैप्युल्स त्वचा की सतह पर आमतौर पर गुलाबी रंग में छोटे बाधा हैं।
  • पस्ट्यूल :- आसानी से त्वचा की सतह पर पस्ट्यूल की पहचान की जा सकती है। उनके पास पस से भरा शीर्ष वाला लाल आधार है।
  • नोबल्स :- त्वचा की सतह पर नोबुल भी खड़े हो जाते हैं। वे ठोस, बड़े मुँहासे होते हैं। वे अक्सर दर्द के साथ होते हैं और त्वचा की गहराई में एम्बेडेड होते हैं।
  • सीस्ट :- ये त्वचा की सतह पर दिखाई दे रहे हैं। वे आमतौर पर दर्दनाक होते हैं और पस भर जाते हैं। वे निशान पैदा करने के लिए प्रवण हैं।

मुंहासे होने के कारण (Due to acne)

  • अनुवांशिकता :– पिंपल की समस्या अनुवांशिक हो सकती है। अगर परिवार में किसी को बार-बार पिंपल होते हैं, तो अन्य व्यक्तियों को भी मुंहासे होने की आशंका बढ़ जाती है|
  • हार्मोनल बदलाव :– बढ़ती उम्र के साथ शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों की वजह से भी पिंपल होते हैं। खासकर महिलाओं को मासिक धर्म, गर्भावस्था और रजोनिवृत्ति के समय शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण पिंपल हो सकते हैं|
  • दवाओं के कारण :– कभी-कभी तनाव, मिर्गी या मानसिक बीमारी से जुड़ी कुछ दवाओं के सेवन से भी पिंपल निकल सकते हैं|
  • कॉस्मेटिक का ज्यादा इस्तेमाल :– कॉस्मेटिक यानी सौंदर्य प्रसाधनों का अधिक इस्तेमाल करने से भी पिंपल निकल आते हैं। कई बार महिलाएं पूरे दिन मेकअप में रहती हैं और रात को ठीक से मेकअप नहीं उतारती, इस वजह से भी पिंपल हो सकते हैं।
  • खानपान से जुड़ी आदतें :– जर्नल ऑफ द एकेडमी ऑफ न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स की ओर से प्रकाशित की गई एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भोजन में ट्रांस फैट, दूध और मछली पिंपल बढ़ने की वजह बन सकते हैं|
  • तनाव :– तनाव में रहने से भी पिंपल्स हो सकते हैं। तनाव की वजह से शरीर में अंदरूनी बदलाव होते हैं, जिस कारण पिंपल हो सकता है। साथ ही स्ट्रेस पिंपल को गंभीर भी काम कर सकता है|

निर्मित में ब्रश के साथ वाह कार्बनिक एप्पल साइडर सिरका फोमिंग फेस वॉश(WOW Organic Apple Cider Vinegar Foaming Face Wash with Built-In Brush)

वाह कार्बनिक सेब साइडर सिरका फोमिंग फेस वॉश इन-बिल्ट फेस ब्रश से अनजाने, शुद्ध और शुद्ध करने में मदद करता है। अपने चेहरे को हर दिन साफ, स्पष्ट और चमकता हुआ छोड़ दें|
यह फोमिंग फेस वॉश बॉटल सिलिकॉन फेस ब्रश से लैस है जो पोर्स की गहरी सफाई में मदद करता है।

  •  चकत्ते या पॉपिंग से बचने के लिए मुँहासे प्रवण त्वचा पर धीरे से ब्रश का उपयोग करें|
  • यह कार्बनिक एप्पल साइडर सिरका, मुसब्बर वेरा निकालने और विटामिन बी 5 और ई के साथ समृद्ध है जो आपकी त्वचा को अशुद्धियों को फैलाने में मदद करता है और आपकी त्वचा को स्वस्थ और युवा बनाता है।आपकी त्वचा को नुकसान के खिलाफ मदद करता है|और चिकनी, मुलायम और कोमल त्वचा के परिणामस्वरूप होता है
  • फेस वाश को शुद्ध कार्बनिक प्रमाणित हिमालयन एसीवी के साथ तैयार किया जाता है।
  • सूत्रीकरण बायोएक्टिव में समृद्ध है और पैराबेन, सिलिकोन, सुपहेट्स और रंग से मुक्त है|

मुंहासे से बचाव के लिए क्या खाएं और क्या न खाएं(What to eat and what not to eat to prevent acne)

गलत खान-पान की वजह से भी मुंहासे होते हैं। इसी वजह से पिम्पल हटाने के उपाय के साथ ही खान-पान की आदतों में सुधार भी मुंहासों से बचाव के लिए जरूरी है।

  • क्या खाएं:- मुंहासों से बचे रहने के लिए इन खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में जगह दी जा सकती है | जैसे –  फल , सब्जियां , साबूत अनाज , कम रिफाइंड चीजें
  • क्या न खाएं :- उच्च ग्लाइसेमिक भोजन जैसे – हाई शुगर युक्त ड्रिंक्स , चॉकलेट
    रिफाइन्सड चीजें , प्रोसेसड प्रोडक्ट|

मुंहासे से बचाव (Acne prevention)

1.चेहरे को नियमित धोएं :– अपने चेहरे को हर रोज दो बार धोएं। इससे चेहरे पर जमने वाली धूल-मिट्टी साफ होगी और चेहरे पर तेल नहीं जमेगा।
2.समय–समय पर चेहरा एक्सफोलिएट करें :– त्वचा को एक्सफोलिएट करने से गहराई से चेहरे की सफाई होती है। साथ ही छिद्र भी अच्छे से साफ होते हैं।
3.मेकअप ब्रश को रोज धोएं :– अपने मेकअप ब्रश का इस्तेमाल करने के बाद उसे अच्छी तरह से धोएं। इससे ब्रश पर बैक्टीरिया नहीं पनपते हैं।
4.खूब पानी पिएं :– हर रोज कम-से-कम आठ गिलास पानी जरूर पिएं। इससे शरीर की अशुद्धियां बाहर निकल जाएंगी।
5.स्ट्रेस न लें :– तनाव की वजह से मुंहासे होते हैं। इसी वजह से स्ट्रेस व तनाव न लें।
6.चेहरे को न छुएं :– बार-बार चेहरे को छूने की आदत छोड़ दें। हाथों पर मौजूद बैक्टीरिया चेहरे पर पिंपल की वजह बन सकता है।
7.मेकअप को ध्यान से चुनें :– कुछ मेकअप चेहरे के रोमछिद्रों को ब्लॉक कर देते हैं। इसी वजह से जरूरी है कि नॉन-कॉमेडोजेनिक और नॉन-एक्नेजेनिक मेकअप का ही इस्तेमाल करें, यह चेहरे के रोम छिद्रों को ब्लॉक नहीं करते।
8.खानपान की सही आदत डालें :– बुरी खानपान की आदत की वजह से भी मुंहासे हो सकते हैं। इसलिए, पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें|

मुंहासे हटाने के घरेलू उपाय (Home remedies for acne)

1. एलोवेरा (Aloe vera)

पिंपल हटाने का घरेलू उपाय एलोवेरा जेल हो सकता है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लामेट्री गुण बैक्टीरिया की वजह से होने वाले पिंपल को पनपने से रोकने के साथ ही इससे संबंधित सूजन को कम कर सकते हैं। साथ ही एलोवेरा में मौजूद एंटीसेप्टिक गुण भी बैक्टीरिया को त्वचा पर पनपने से रोक सकता है। एलोवेरा को लेकर एनसीबीआई में मौजूद एक शोध में यह भी कहा गया है कि इसमें एंटी-एक्ने गुण भी होते हैं, जो मुंहासों से बचाव कर सकते हैं ।

इस्तेमाल कैसे करें:- एलोवेरा के पत्ते से ताजा जेल निकालें और सीधे पिम्पल प्रभावित हिस्से पर लगा लें। करीब 10-20 मिनट बाद चेहरे को पानी से धो लें।

2.ग्रीन टी (Green tea)

बार-बार मन में उठने वाले सवाल पिम्पल कैसे हटाएं का जवाब ग्रीन टी हो सकता है। जी हां, इसमें मौजूद पॉलीफेनोल्स मुंहासे के घरेलू उपचार में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यह पॉलीफेनोल्स सीबम (त्वचा ग्रंथियों से निकलने वाला तैलीय पदार्थ) के स्राव को कम कर सकता है। इससे मुंहासे ठीक हो सकते हैं या इनसे कुछ हद तक राहत मिल सकती है (11)। इसके अलावा, ग्रीन टी में एंटी-माइक्रोबियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो मुंहासे से लड़ने में सहायता कर सकते हैं (12)। इसी वजह से ग्रीन टी को पिम्पल हटाने का तरीका माना जाता है।

इस्तेमाल कैसे करें:- ग्रीन टी का रोज सेवन किया जा सकता है। इसके अलावा, ग्रीन टी बैग्स को उबालकर, ठंडा करने के बाद चेहरे पर भी लगा सकते हैं।

3.नारियल का तेल (coconut oil)

नारियल के तेल में जीवाणुरोधी यौगिक के साथ ही विटामिन-ई होता है। इसी वजह से नारियल के तेल का इस्तेमाल पिम्पल हटाने के उपाय और इसकी वजह से चेहरे में पड़ने वाले धब्बों के उपचार के रूप में किया जा सकता है। इसके अलावा, नारियल तेल त्वचा को मॉस्चराइज करके नरम रखने के साथ ही स्किन इंफेक्शन से बचाने में भी मदद कर सकता है।

इस्तेमाल कैसे करें :- पिंपल हटाने के घरेलू नुस्खे के रूप नारियल तेल का इस्तेमाल करने के लिए पहले इसकी कुछ बूंदों में थोड़ा सा शहद मिलाएं। फिर इसे अच्छे से फेंटकर चेहरे पर लगा लें। कुछ देर बाद चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें।

4. शहद और दालचीनी (Honey and Cinnamon)

शहद और दालचीनी के पाउडर भी पिंपल हटाने का घरेलू उपाय हो सकता है। कहा जाता है कि यह पिंपल को कम कर सकता है । दरअसल, दालचीनी और शहद एक्ने के बैक्टीरिया से लड़कर पिम्पल ट्रीटमेंट में मदद कर सकते हैं। दोनों शहद और दालचीनी में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। साथ ही दालचीनी में मौजूद सिनामलडिहाइड केमिकल कंपाउंड में एंटीइंफ्लामेटरी गुण भी होते हैं, जो पिंपल का उपचार करने में लाभदायक हो सकता है। इसके अलावा, एंटीइंफ्लामेटरी गुण एक्ने की वजह से चेहरे में आने वाली रेडनेस को कम करने का काम कर सकता है।

इस्तेमाल कैसे करें :

  • तीन चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी पाउडर का पेस्ट तैयार करें।
  • अब इस पेस्ट को अच्छी तरह से मुंहासे प्रभावित हिस्सों पर लगाएं।
  • सोने से पहले पेस्ट लगाने के परिणाम प्रभावी हो सकते हैं।
  • रातभर इसे चेहरे में लगा रहने दें और सुबह गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।
  • दो हफ्तों तक इसे रोजाना दोहराया जा सकता है|

5. लहसुन (Garlic)

लहसुन को भी पिम्पल हटाने का तरीका माना जाता है। इसमें एलिसिन (Allicin) होता है, जो एंटीबैक्टीरियल की तरह काम करता है। यह त्वचा को बैक्टीरिया से मुक्त रखने के साथ ही इन्हें पनपने से रोकने का काम कर सकता है। इसमें एंटीमाइक्रोबियल, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं। ये गुण मिलकर मुंहासे को कम करने में लाभदायक हो सकते है। इसके हाइड्रोक्लोरिक अर्क से एंटी-एक्ने जेल भी बनाया जाता है।

इस्तेमाल कैसे करें:

  • आवश्यकतानुसार लहसुन का पेस्ट बनाकर तैयार करें।
  • अब इसमें थोड़ा सा शहद और पानी की कुछ बूंदें डालकर चेहरे पर लगा लें।
  • मिश्रण लगाने के बाद जब सूख जाए तो त्वचा को धो लें।

6. हल्दी (Turmeric)

हल्दी का उपयोग भी पिम्पल हटाने का तरीका हो सकता है। इसके एंटीसेप्टिक, एंटीबैक्टीरियल और हीलिंग गुण की वजह से इसे पिंपल के लक्षण कम करने के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है (28)। साथ ही हल्दी में करक्यूमिन (Curcumin) होता है, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी के साथ ही एंटीमाइक्रोबियल गुण प्रदर्शित करता है। ये गुण मिलकर पिंपल व मुंहासों को ठीक करने में मदद कर सकते हैं।

इस्तेमाल कैसे करें:

  • चुटकी भर हल्दी में शहद मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें।
  • अब इसे चेहरे पर 20 मिनट तक लगा रहने दें।
  • इसके बाद चेहरे को धो लें।

7. सेंधा नमक (Rock Salt)

पिंपल हटाने का आसान तरीका सेंधा नमक भी है। इसमें मौजूद मैग्निशियम हार्मोन्स को बैलेंस करके एक्ने के लक्षण को कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, यह स्किन में मौजूद डेड सेल्स को साफ करके त्वचा को स्वस्थ और मुलायम बनाने में मदद कर सकता है।

इस्तेमाल कैसे करें:

  • पानी से भरे टब में सेंधा नमक डालकर एक्ने प्रभावित हिस्से को पानी में भिगोएं।
  • एक रूई को सेंधा नमक के पानी में डूबोकर मुंहासों के ऊपर रख दें।
  • करीब 20 से 30 मिनट बाद तौलिए से त्वचा को पोंछ कर ऐसे ही छोड़ दें।

8.नींबू (lemon)

पिम्पल ट्रीटमेंट के लिए कई अन्य घरेलू पदार्थों की तरह ही नींबू का उपयोग भी किया जा सकता है। दरअसल, इसमें मौजूद फ्लेवोनोइड जीवाणुरोधी गतिविधि को प्रदर्शित करते हैं। यही वजह है कि ये त्वचा में बैक्टीरिया को पनपने नहीं देते, जिससे एक्ने में राहत मिल सकती है। इसके अलावा, नींबू में मौजूद सिट्रस एसिड भी प्रोपिओनी बैक्टीरियम एक्न(Propionibacteriumacnes) को बढ़ने नहीं देता । इसी वजह से नींबू को पिंपल के घरेलू उपाय के रूप में जाना जाता है।

इस्तेमाल कैसे करें:

  • आधे नींबू का रस निचोड़कर एक कटोरी में निकाल लें।
  • कुछ बूंदें पानी की डालकर इसे अच्छे से मिक्स करें।
  • अब पानी और नींबू के रस के मिश्रण को रूई की मदद से मुंहासों पर लगाएं।
  • करीब 30 मिनट बाद चेहरे को धो लें।

9. नीम (Azadirachta indica)

पिंपल हटाने के घरेलू नुस्खे के तौर पर नीम का इस्तेमाल काफी प्रचलित है। नीम की पत्तियों में एंटीइंफ्लामेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं (34)। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध में बताया है कि नीम के इथेनॉल अर्क से एंटी-एक्ने पैक तैयार किया जा सकता है। यह पैक बनाते समय नीम के साथ तुलसी, ग्रीन टी और कई अन्य सामग्रियों का भी इस्तेमाल किया गया।

इस्तेमाल कैसे करें:

  • नीम की कुछ पत्तियों को पीसकर एक्ने पर लगा सकते हैं।
  • इसके अलावा, नीम को पानी में उबालकर उसके ठंडे काढे से चेहरा धो सकते हैं।
  • नीम के साथ ही तुलसी और ग्रीन टी को एक साथ पिसकर भी इस लेप को चेहरे पर लगाया जा सकता है।
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