महिलाओं में पीरियड्स की समस्या (Periods problem in females)

मासिक धर्म को माहवारी, रजोधर्म, मेंस्ट्रुअल, एमसी और पीरियड्स के नाम से भी जाना जाता है। कुछ विकसित देशों में लड़कियों को 12 या 13 साल की उम्र में पहला मासिक-धर्म होता है। वैसे सामान्य तौर पर 11 से 13 वर्ष की उम्र में लड़कियों का मासिक धर्म शुरू हो जाता है।

मासिक धर्म (पीरियड्स) क्या है?(what is Menstrual)?

10 से 15 साल की आयु की लड़की के अण्डाशय हर महीने एक विकसित डिम्ब (अण्डा) उत्पन्न करना शुरू कर देते हैं। वह अण्डा अण्डवाहिका नली (फैलोपियन ट्यूव) के द्वारा नीचे जाता है जो कि अंडाशय को गर्भाशय से जोड़ती है। जब अण्डा गर्भाशय में पहुंचता है, उसका अस्तर रक्त और तरल पदार्थ से गाढ़ा हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है कि यदि अण्डा उर्वरित हो जाए, तो वह बढ़ सके और शिशु के जन्म के लिए उसके स्तर में विकसित हो सके। यदि उस डिम्ब का पुरूष के शुक्राणु से सम्मिलन न हो तो वह स्राव बन जाता है जो कि योनि से निष्कासित हो जाता है।[1] इसी स्राव को मासिक धर्म, पीरियड्स या रजोधर्म या माहवारी (Menstural Cycle or MC) कहते हैं।

पीरियड्सके दौरान महिलाओं को किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए(What are the things women should take care of during periods)?

पीरियड्स के दौरान सभी महिलाओं को किसी न किसी तरह के दर्द और तकलीफ का सामना करना पड़ता है। किसी को शरीर के किसी हिस्से में दर्द रहता है तो किसी को किसी अन्य हिस्से में, लेकिन अधिकतर महिलाएं इस दौरान बेचैन रहती हैं। इस दौरान महिलाओं को कमजोरी महसूस होती है|

  • पीरियड्स के दिनों में आप गर्भवती नहीं हो सकती तो असुरक्षित संबंध बना सकती है। इस दौरान भी गभर्वती होने की संभावना होती है, साथ ही आपको संक्रमण का खतरा अधिक होता है।
  • पीरियड्स के दौरान आपको पौष्टिक आहार की अधिक जरूरत होती है।
  • इन दिनों ज्यादा शारीरिक श्रम से बचें। ऐसा करने से आपको किसी हिस्से में अकड़ आ सकती है व आपके शरीर का दर्द बढ़ सकता है।
  • पीरियड्स के दौरान कुछ घंटे में सैनेटरी नैपकिन बदलती रहें। इससे आप संक्रमण से सुरक्षित रहेंगी और दुर्गंध की समस्या भी नहीं होगी।

पीरियड आने के क्या लक्षण है?(What are the symptoms of periods)?

महिलाओं की एक बहुत आम समस्या है माहवारी से कुछ दिन पहले तनाव की स्थिति। यह दो तीन दिनों पहले महसूस होता और रक्तस्राव आरंभ होने पर समाप्त हो जाता है। इसके लक्षण हैं |

  • चिड़चिड़ापन
  • थकान
  • बार-बार पेशाब की इच्छा
  • सिर व पेडू में दर्द, कब्ज
  • स्तनों में तनाव
  • कभी –कभी पैरों में सुजन।

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पीरियड नहीं आने के क्या लक्षण है?(What are the symptoms of not having a period)?

कई बार इसके लिए दूसरे कारक भी जिम्मेदार होते हैं। तनाव, बुखार, गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल, मोटापा आदि कुछ ऐसी ही वजहें हैं। इनके अलावा भी कई ऐसी वजहें हैं जिनके बारे में हम नहीं जानते लेकिन ये पीरियड मिस्ड होने के लिए जिम्मेदार होते हैं।

पीरियड्स में ध्यान रखने के 10 घरेलू उपाय(10home remedies to take care of in periods)

  • पेट में दर्द होने की समस्या में गर्म पानी से सिंकाई करने से बहुत जल्दी आराम मिलता है। इसके लिए सिंकाई वाले बैग या किसी बॉटल में गर्म पानी लेकर पेट पर रखकर सिकाई करें।
  • पेटदर्द शुरू होते ही कोई गर्म पेय पी लें। इसमें गर्म पानी, चाय या कॉफी का प्रयोग आप कर सकती हैं। इसे पीने के तुरंत बाद आप राहत महसूस करेंगे।
  • पीरियड्स ठीक से नहीं आने पर हींग का सेवन आपके लिए लाभदायक होगा। हींग खाने से बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं।
  • इस समय सहिजन, सफेद कद्दू, करेला, तिल का सेवन फायदेमंद होता है। इसके अलाव पालक, अंडा व सोयाबीन का नियमित प्रयोग करने के साथ ही प्रतिदिन दूध जरूर पिएं।
  • माहवारी के समय, खासतौर से अंतिम समय में कब्ज‍ियम की समस्या सामने आती है। इसके लिए ऐसी चीजों का सेवन न करें, जो कब्ज बढ़ाए।
  • माहवारी के दौरान खट्टी चीजों से हमेशा परहेज करें। ये शरीर के अंगों में सूजन पैदा करते हैं। इसके अलावा बैंगन, मीट, पीला कद्दू ,आलू का सेवन पहले से ही बंद कर दें।
  • माहवारी शुरू होने के पहले ही सौंफ या तिल का सेवन करने से फायदा होता है। इससे माहवारी समय पर आती है। इसके अलावा तिल के बीजों को जीरा पाउडर और गुड़ के साथ मिलाकर खाने से भी फायदा होता है।
  • पपीता खाना भी बेहद लाभदायक होता है। इसके अलावा इससे पेट की अन्य समस्याएं भी ठीक होती हैं।
  • पिसा हुआ धनिया, शक्कर के बूरे के साथ घी में सेंक कर खाने से भी मासिक धर्म की समसयाआं से निजात मिलती है। इसे दिन में तीन बार लगभग 2-2 चम्मच मात्रा में खाएं।
  • अनार के छिलकों को सुखाकर, उसका पाउडर बना लें। अब इस पाउडर को प्रतिदिन एक चम्मच ठंडे पानी के साथ लें। इससे माहवारी नियमित होगी और तकलीफों से भी आजाद मिलेगी।
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