सेतुबंधासन योग (Sethubandhasana Yoga)

इस आसन में शरीर सेतु (Bridge) के समान आकार में हो जाता है, इसलिए इसे सेतुबंधासन (Bridge Pose) कहा जाता है|

सेतुबंधासन योग क्या है? (What is Sethubandhasana Yoga?)

पाचन में सुधार लाता है| सेतुबंधासन पेट के अंगों, फेफड़ों और थायराइड को उत्तेजित करता है। टाँगों को फिर से जीवंत बनाता है। थायरॉएड की समस्या है, तो सेतुबंधासन प्रतिदिन 1 से 2 मिनट करें। यह मुश्किल आसन है, इसे करते वक्त सावधानी बरतें।

सेतुबंधासन योग की विधि ( Method of Sethubandhasana yoga)

  • इस योग मुद्रा में आपको अपने शरीर को एक पुल के जैसे बनाना पड़ता है।
  • सबसे पहले जमीन पर सीधे लेट जाएँ और अपने बाहं को दोनों तरफ रखें।
  • जिस प्रकार चित्र में दिया गया है देखकर अपने शरीर के नीचले हिस्से को उठायें।
  • उस मुद्रा में एक लम्बी सी साँस लें और लगभग 25-30 सेकंड तक रुकें।
  • उसके बाद धीरे-धीरे अपने शरीर को नीचे ला कर प्रथम मुद्रा पर लायें।
  • इस योगासन को 4-5 बार दोहराएँ।

सेतुबंधासन योग के फायदे (Benefits of Sethubandhasan Yoga)

  • छाती को मजबूती देता है।
  • साथ ही पीछे और रीड की हड्डी भी तंदरुस्त होता है।
  • मन की चिंता दूर होती है।
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